pdf BP 17-1-3-05 BPKGM CMP Katha Vastava Vadanyata
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तुम सर्वदा ही सत्यकथाके प्रचारमें व्रती रहना। सत्साहयुक्त व्यक्तियोंकी भगवान् ही सहायता करते हैं। समस्त संसारके द्वारा असत्पथपर चलने पर भी हम उसकी दासता नहीं करेंगे।
वर्ष—१७ • संख्या—१-३ • प्रबन्ध क्रमांक—५
श्रीमन्महाप्रभुकि कथाओंका प्रचार ही वास्तव वदान्यता तथा जीवोंके प्रति दया है
श्रीश्रीमद्भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजकी पत्रावली (पत्र-१५)




